री-प्वाइंटिंग की 7 सबसे आम गलतियाँ और उनसे कैसे बचें
सतह पर दाग, पंखनुमा किनारे, अत्यधिक कठोर मोर्टार और नमी रोकने वाली गलतियों से बचाव।
ईंट और पत्थर की दीवारों को फिर से जोड़ने, गहराई मापने और मोर्टार मात्रा की गणना पर तकनीकी गाइड।
सतह पर दाग, पंखनुमा किनारे, अत्यधिक कठोर मोर्टार और नमी रोकने वाली गलतियों से बचाव।
नेट गुहा घन मीटर को थोक रेत की बोरियों, 25 किलोग्राम चूने के बैग या तैयार मोर्टार टब में बदलने की विधि।
BS EN 771-1 के अनुसार मानक मीट्रिक ईंटों, जोड़ घनत्व और अपव्यय भत्ते के लिए मोर्टार की मात्रा की गणना।
रैंडम मलबे, गढ़ी गई राख और अनियमित पत्थरों के जोड़ों की सही लंबाई मापने की तकनीक।
हैंड छेनी, ऑसिलेटिंग मल्टी-टूल और डायमंड कटर का सही उपयोग ताकि ईंटों के किनारे सुरक्षित रहें।
वाष्प पारगम्यता और चूना मोर्टार के सुरक्षात्मक गुण। कठोर सीमेंट से ईंटों को टूटने से कैसे बचाएं।
अपनी परियोजना के लिए सही अपव्यय प्रतिशत कैसे चुनें: 5% से 20% तक की विस्तृत जानकारी।
BS EN 459-1 के अनुसार विभिन्न ग्रेडों की संपीड़न शक्ति और पर्यावरण के अनुसार उनका सही चयन।
BS EN 771-3 के अनुसार कंक्रीट ब्लॉकों के लिए प्रति वर्ग मीटर केवल 4.94 मीटर जोड़ की आवश्यकता का गणितीय प्रमाण।
उथली प्वाइंटिंग क्यों विफल हो जाती है? यांत्रिक पकड़, पाले से सुरक्षा और न्यूनतम 15-20 मिमी गहराई का महत्व।
BS 3921 के अनुसार पुरानी ईंटों के आकार, प्रति वर्ग मीटर लगभग 50 ईंटों का घनत्व और सही समुच्चय मिलान।
न्यूनतम 5°C तापमान का नियम, गीली बोरी से तराई की तकनीक और मोर्टार को सिकुड़ने से बचाने के उपाय।